- सबसे अधिक खराब दिन वे हे , जिस दिन हम एक बार भी हंसी के ठहाके नही लगाते है |
- मनुष्य और कुछ नही , मात्र भटका हुआ देवता है |
- अगर आपने हवा मे महल बनाया है तो कोई ख़राब काम नही किया है, पर अब उसके नीचे नीव बनाये |
- इश्वर साधारण दीखने वाले लोगो को पसंद करता है, इसलिए उसने ऐसे लोग अधिक संख्या मे बनाये |
- सफल नाविक वही है जो अशांत समुद्र मे भी मंजिल तक पहुंचे |
- ईमानदारी से चालाकी भी मात खा जाती है ।
- पानी जितना गहरा होता है, उतना ही शांत होता है |
- अगर आपको किसी आदमी की हंसी निर्मल लगती है तो जान लीजिये वह आदमी भी निश्छल है |
- जब अंधकार बहुत गहन होगा तभी आप सितारे देख पाएंगे |
- जिस दिन सच्चाई को देखकर भी हम बोलना नही चाहते उसी दिन हमारी मोंत की शुरुआत हो जाती है |
- जिसके पास अच्छे मित्र है, उसे दर्पण की जरुरत नही होती |
- वर्तमान की श्रेष्ट कार्यो से ही श्रेष्ट भविष्य बनता है |
- जिसे सीखने की भूख है वह प्रत्येक आदमी और घटना से सीख लेता है |
- श्रद्धा का अर्थ है-श्रेष्टता के प्रति अटूट आस्था |
- श्रद्धा स्वयं मे एक सशक्त मान्यता प्राप्त विज्ञान है |
- निरंतर गरिमापूर्ण चिंतन ही हमारी परिभाषा है |
- इस संसार में प्यार करने लायक दो वस्तुएँ हैं-एक दुःख और दूसरा श्रम । दुख के बिना हृदय निर्मल नहीं होता और श्रम के बिना मनुष्यत्व का विकास नहीं होता ।
- आदर्शों के प्रति श्रद्धा और कर्तव्य के प्रति लगन का जहाँ भी उदय हो रहा है, समझना चाहिए कि वहाँ किसी देवमानव का आविर्भाव हो रहा है ।
- कुचक्र, छद्म और आतंक के बलबूते उपार्जित की गई सफलताएँ जादू के तमाशे में हथेली पर सरसों जमाने जैसे चमत्कार दिखाकर तिरोहित हो जाती हैं । बिना जड़ का पेड़ कब तक टिकेगा और किस प्रकार फलेगा-फूलेगा
- समर्पण का अर्थ है-पूर्णरूपेण प्रभु को हृदय में स्वीकार करना, उनकी इच्छा, प्रेरणाओं के प्रति सदैव जागरूक रहना और जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे परिणत करते रहना ।
- मनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं ।
- सबसे महान् धर्म है, अपनी आत्मा के प्रति सच्चा बनना ।
- सद्व्यवहार में शक्ति है । जो सोचता है कि मैं दूसरों के काम आ सकने के लिए कुछ करूँ, वही आत्मोन्नति का सच्चा पथिक है ।
- जिनका प्रत्येक कर्म भगवान् को, आदर्शों को समर्पित होता है, वही सबसे बड़ा योगी है ।
- कोई भी कठिनाई क्यों न हो, अगर हम सचमुच शान्त रहें तो समाधान मिल जाएगा ।
- सत्संग और प्रवचनों का-स्वाध्याय और सदुपदेशों का तभी कुछ मूल्य है, जब उनके अनुसार कार्य करने की प्रेरणा मिले । अन्यथा यह सब भी कोरी बुद्धिमत्ता मात्र है ।
- सब ने सही जाग्रत् आत्माओं में से जो जीवन्त हों, वे आपत्तिकालीन समय को समझें और व्यामोह के दायरे से निकलकर बाहर आएँ । उन्हीं के बिना प्रगति का रथ रुका पड़ा है ।
- आत्मा को निर्मल बनाकर, इंद्रियों का संयम कर उसे परमात्मा के साथ मिला देने की प्रक्रिया का नाम योग है।
- जैसे कोरे कागज पर ही पत्र लिखे जा सकते हैं, लिखे हुए पर नहीं, उसी प्रकार निर्मल अंतःकरण पर ही योग की शिक्षा और साधना अंकित हो सकती है ।
- योग के दृष्टिकोण से तुम जो करते हो वह नहीं, बल्कि तुम कैसे करते हो, वह बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण है ।
- यह आपत्तिकालीन समय है । आपत्ति धर्म का अर्थ है-सामान्य सुख-सुविधाओं की बात ताक पर रख देना और वह करने में जुट जाना जिसके लिए मनुष्य की गरिमा भरी अंतरात्मा पुकारती है ।
- प्रखर और सजीव आध्यात्मिकता वह है, जिसमें अपने आपका निर्माण दुनिया वालों की अँधी भेड़चाल के अनुकरण से नहीं, वरन् स्वतंत्र विवेक के आधार पर कर सकना संभव हो सके ।
- बलिदान वही कर सकता है, जो शुद्ध है, निर्भय है और योग्य है ।
- जिस आदर्श के व्यवहार का प्रभाव न हो, वह फिजूल है और जो व्यवहार आदर्श प्रेरित न हो, वह भयंकर है ।
- भगवान जिसे सच्चे मन से प्यार करते हैं, उसे अग्नि परीक्षाओं में होकर गुजारते हैं ।
- हम अपनी कमियों को पहचानें और इन्हें हटाने और उनके स्थान पर सत्प्रवृत्तियाँ स्थापित करने का उपाय सोचें, इसी में अपना व मानव मात्र का कल्याण है ।
- प्रगति के लिए संघर्ष करो । अनीति को रोकने के लिए संघर्ष करो और इसलिए भी संघर्ष करो कि संघर्ष के कारणों का अन्त हो सके ।
- धर्म की रक्षा और अधर्म का उन्मूलन करना ही अवतार और उसके अनुयायियों का कर्त्तव्य है । इसमें चाहे निजी हानि कितनी ही होती हो, कठिनाई कितनी ही उठानी पड़ती हों ।
- अवतार व्यक्ति के रूप में नहीं, आदर्शवादी प्रवाह के रूप में होते हैं और हर जीवन्त आत्मा को युगधर्म निबाहने के लिए बाधित करते हैं ।
- शरीर और मन की प्रसन्नता के लिए जिसने आत्म-प्रयोजन का बलिदान कर दिया, उससे बढ़कर अभागा एवं दुर्बुद्धि और कौन हो सकता है ?
- आचारनिष्ठ उपदेशक ही परिवर्तन लाने में सफल हो सकते हैं । अनधिकारी धर्मोपदेशक खोटे सिक्के की तरह मात्र विक्षोभ और अविश्वास ही भड़काते हैं ।
- इन दिनों जाग्रत् आत्मा मूक दर्शक बनकर न रहे । बिना किसी के समर्थन, विरोध की परवाह किए आत्म-प्रेरणा के सहारे स्वयंमेव अपनी दिशाधारा का निर्माण-निर्धारण करें ।
- जो भौतिक महत्त्वाकांक्षियों की बेतरह कटौती करते हुए समय की पुकार पूरी करने के लिए बढ़े-चढ़े अनुदान प्रस्तुत करते और जिसमें महान् परम्परा छोड़ जाने की ललक उफनती रहे, यही है-प्रज्ञापुत्र शब्द का अर्थ ।
- चरित्रवान् व्यक्ति ही किसी राष्ट्र की वास्तविक सम्पदा है ।
- व्यक्तिगत स्वार्थों का उत्सर्ग सामाजिक प्रगति के लिए करने की परम्परा जब तक प्रचलित न होगी, तब तक कोई राष्ट्र सच्चे अर्थों में सार्मथ्यवान् नहीं बन सकता है ।
- युग निर्माण योजना का लक्ष्य है-शुचिता, पवित्रता, सच्चरित्रता, समता, उदारता, सहकारिता उत्पन्न करना
- भुजाएँ साक्षात् हनुमान हैं और मस्तिष्क गणेश, इनके निरन्तर साथ रहते हुए किसी को दरिद्र रहने की आवश्यकता नहीं ।
- मनुष्य दुःखी, निराशा, चिंतित, उदिग्न बैठा रहता हो तो समझना चाहिए सही सोचने की विधि से अपरिचित होने का ही यह परिणाम है ।
- धर्म अंतःकरण को प्रभावित और प्रशासित करता है, उसमें उत्कृष्टता अपनाने, आदर्शों को कार्यान्वित करने की उमंग उत्पन्न करता है ।
- चिंतन एवं घृणित कर्तृत्व हमारी गौरव गरिमा पर लगा हुआ कलंक है ।
- आत्मा का परिष्कृत रूप ही परमात्मा है ।
- हम कोई ऐसा काम न करें, जिसमें अपनी अंतरात्मा ही अपने को धिक्कारे ।
- अपनी दुष्टताएँ दूसरों से छिपाकर रखी जा सकती हैं, पर अपने आप से कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता ।
- किसी महान् उद्देश्य की ओर न चलना उतनी लज्जा की बात नहीं होती, जितनी कि चलने के बाद कठिनाइयों के भय से पीछे हट जाना ।
- महानता का गुण न तो किसी के लिए सुरक्षित है और न प्रतिबंधित । जो चाहे अपनी शुभेच्छाओं से उसे प्राप्त कर सकता है ।
- सच्ची लगन तथा निर्मल उद्देश्य से किया हुआ प्रयत्न कभी निष्फल नहीं जाता ।
- मनुष्य जन्म सरल है, पर मनुष्यता कठिन प्रयत्न करके कमानी पड़ती है ।
- ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।
- किसी सदुद्देश्य के लिए जीवन भर कठिनाइयों से जूझते रहना ही महापुरुष होना है ।
- अपना मूल्य समझो और विश्वास करो कि तुम संसार के सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हो ।
- चरित्र का अर्थ है- अपने महान् मानवीय उत्तरदायित्वों का महत्त्व समझना और उसका हर कीमत पर निर्वाह करना ।
- मनुष्य एक भटका हुआ देवता है । सही दिशा पर चल सके, तो उससे बढ़कर श्रेष्ठ और कोई नहीं ।
- जो बीत गया सो गया, जो आने वाला है वह अज्ञात है! लेकिन वर्तमान तो हमारे हाथ में है ।
- युग परिवर्तन की यह बेला आपको सपरिवार मंगलमय हो | शिव की शक्ति, मीरा की भक्ति, गणेश की सिद्धि, चाणक्य की बुद्धि, शारदा का ज्ञान, कर्ण का दान,राम की मर्यादा, भीष्म का वादा, हरिश्चंद की सत्यता, लक्ष्मी की अनुकम्पा एवम् कुबेर की सम्पन्नता प्राप्त हो यही हमारी शुभकामना है |
- विचार शक्ति इस विश्व की सबसे बड़ी शक्ति है | उसी ने मनुष्य के द्वारा इस उबड़-खाबड़ दुनिया को चित्रशाला जैसी सुसज्जित और प्रयोगशाला जैसी सुनियोजित बनाया है | विनाश करना होगा तो भी वही करेगी | दीन, हीन और दयनीय स्थिति मे पड़े रहने देने की जिम्मेदारी भी उसी की है | उत्थान-पतन की अधिष्ठात्री भी तो वही है | वस्तुस्तिथि को समझते हुऐ इन दिनों करने योग्य एक ही काम है " जन मानस का परिष्कार " | इस को विचार क्रांति का नाम दिया गया है | इसी की सफलता-असफलता पर विश्व के मनुष्य का उत्थान-पतन पूरी तरह निर्भर है | प्रमुखता और प्राथमिकता इसी की मिलनी चाहिए | विश्वात्मा की यही मांग है | दैवी शक्तिया इसी को संपन्न करने के लिए उद्यत है | प्रयोजन की पूर्ति के लिए जो कदम बढायेंगे वे पाएंगे की हवा अनुकूल चल रही है | ऐसी अनुकूल जिसमे अभीष्ट की सफलता अत्यन्त सरल संभव होती दीख पड़े |
- नहीं संगठित सज्जन लोग । रहे इसी से संकट भोग ॥
- इस बात पर संदेह नहीं करना चाहिये कि विचारवान और उत्साही व्यक्तियों का एक छोटा सा समूह इस संसार को बदल सकता है । वास्तव मे इस संसार को इसने (छोटे से समूह) ही बदला है ।
- जिस काम को करने में डर लगता है उसको करने का नाम ही साहस है ।
- मुट्ठीभर संकल्पवान लोग, जिनकी अपने लक्ष्य में दृढ़ आस्था है, इतिहास की धारा को बदल सकते हैं। - महात्मा गांधी
- अभय-दान सबसे बडा दान है ।
- भय से ही दुख आते हैं, भय से ही मृत्यु होती है और भय से ही बुराइयां उत्पन्न होती हैं । — विवेकानंद
- गलती तो हर मनुष्य कर सकता है , पर केवल मूर्ख ही उस पर दृढ बने रहते हैं ।
- अपनी गलती स्वीकार कर लेने में लज्जा की कोई बात नहीं है । इससे दूसरे शब्दों में यही प्रमाणित होता है कि कल की अपेक्षा आज आप अधिक समझदार हैं ।
- गलती करने में कोई गलती नहीं है ।
- गलती करने से डरना सबसे बडी गलती है । — एल्बर्ट हब्बार्ड
- यदि शांति पाना चाहते हो , तो लोकप्रियता से बचो।
- सही प्रश्न पूछना मेधावी बनने का मार्ग है ।
- जो प्रश्न पूछता है वह पाँच मिनट के लिये मूर्ख बनता है लेकिन जो नही पूछता वह जीवन भर मूर्ख बना रहता है ।
- मैं छः ईमानदार सेवक अपने पास रखता हूँ | इन्होंने मुझे वह हर चीज़ सिखाया है जो मैं जानता हूँ | इनके नाम हैं – क्या, क्यों, कब, कैसे, कहाँ और कौन |
- यह कैसा समय है? मेरे कौन मित्र हैं? यह कैसा स्थान है। इससे क्या लाभ है और क्या हानि? मैं कैसा हूं। ये बातें बार-बार सोचें (जब कोई काम हाथ में लें)। - नीतसार
- मैं यह जानने के लिये लिखता हूँ कि मैं सोचता क्या हूँ ।
- मैने सीखा है कि किसी प्रोजेक्ट की योजना बनाते समय छोटी से छोटी पेन्सिल भी बडी से बडी याददास्त से भी बडी होती है ।
- पहले हर अच्छी बात का मज़ाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है। - स्वामी विवेकानंद
- नेतृत्व का रहस्य है , आगे-आगे सोचने की कला ।
- हमारी शक्ति हमारे निर्णय करने की क्षमता में निहित है ।
- निर्णय लेने से उर्जा उत्पन्न होती है , अनिर्णय से थकान ।
- कहकर बताने के बहुत से प्रयत्न अत्यधिक कह देने के कारण व्यर्थ चले जाते हैं ।
- अधिक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सफल होने की सम्भावना ज्यादा होती है ।
- ग्रन्थ , पन्थ हो अथवा व्यक्ति , नहीं किसी की अंधी भक्ति । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- मौन और एकान्त,आत्मा के सर्वोत्तम मित्र हैं । — बिनोवा भावे
- मनुष्य की वास्तविक पूँजी धन नहीं , विचार हैं । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- मनःस्थिति बदले , तब परिस्थिति बदले । - पं श्री राम शर्मा आचार्य
- आचरण के बिना ज्ञान केवल भार होता है ।
- हजारों मील की यात्रा भी प्रथम चरण से ही आरम्भ होती है ।
- भलाई का एक छोटा सा काम हजारों प्रार्थनाओं से बढकर है ।
- संसार का सबसे बडा दिवालिया वह है जिसने उत्साह खो दिया ।
- विद्यार्थी के पाँच लक्षण होते हैं : कौवे जैसी दृष्टि , बकुले जैसा ध्यान , कुत्ते जैसी निद्रा , अल्पहारी और गृहत्यागी ।
- अपनी अज्ञानता का अहसास होना ज्ञान की दिशा में एक बहुत बडा कदम है ।
- ज्ञान एक खजाना है , लेकिन अभ्यास इसकी चाभी है।
- प्रज्ञा-युग के चार आधार होंगे - समझदारी , इमानदारी , जिम्मेदारी और बहादुरी । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- जिसने ज्ञान को आचरण में उतार लिया , उसने ईश्वर को मूर्तिमान कर लिया |
- बच्चों को शिक्षा के साथ यह भी सिखाया जाना चाहिए कि वह मात्र एक व्यक्ति नहीं है, संपूर्ण राष्ट्र की थाती हैं। उससे कुछ भी गलत हो जाएगा तो उसकी और उसके परिवार की ही नहीं बल्कि पूरे समाज और पूरे देश की दुनिया में बदनामी होगी। बचपन से उसे यह सिखाने से उसके मन में यह भावना पैदा होगी कि वह कुछ ऐसा करे जिससे कि देश का नाम रोशन हो। योग-शिक्षा इस मार्ग पर बच्चे को ले जाने में सहायक है। - स्वामी रामदेव
- सबसे अधिक ज्ञानी वही है जो अपनी कमियों को समझकर उनका सुधार कर सकता हो।
- महान पुरुष की पहली पहचान उसकी विनम्रता है।
- विवेक की सबसे प्रत्यक्ष पहचान , सतत प्रसन्नता है ।
- ज्ञान भूत है , विवेक भविष्य ।
- अरूणोदय के पूर्व सदैव घनघोर अंधकार होता है।
- निराशा सम्भव को असम्भव बना देती है । — प्रेमचन्द
- खुदा एक दरवाजा बन्द करने से पहले दूसरा खोल देता है, उसे प्रयत्न कर देखो | – शेख सादी
- दो आदमी एक ही वक् जेल की सलाखों से बाहर देखते हैं, एक को कीचड़ दिखायी देता है और दूसरे को तारे । — फ्रेडरिक लेंगब्रीज
- हर अच्छा काम पहले असंभव नजर आता है।
- कम्प्यूटर को प्रोग्राम करने के लिये संस्कृत सबसे सुविधाजनक भाषा है । — फोर्ब्स पत्रिका ( जुलाई , १९८७ )
- चिन्ता चिता के पास ले जाती है ।
- क्रोध सदैव मूर्खता से प्रारंभ होता है और पश्चाताप पर समाप्त।
- यदि आवश्यकता आविष्कार की जननी ( माता ) है , तो असन्तोष विकास का जनक ( पिता ) है ।
- क्रोध , एक कमजोर आदमी द्वारा शक्ति की नकल है ।
- विवेक की सबसे प्रत्यक्ष पहचान सतत प्रसन्नता है ।
- धीरज प्रतिभा का आवश्यक अंग है ।
- धर्म का उद्देश्य मानव को पथभ्रष्ट होने से बचाना है । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- कथनी करनी भिन्न जहाँ हैं , धर्म नहीं पाखण्ड वहाँ है ॥ — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- उसी धर्म का अब उत्थान , जिसका सहयोगी विज्ञान ॥ — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- सत्य को कह देना ही मेरा मज़ाक करने का तरीका है। संसार में यह सब से विचित्र मज़ाक है। - जार्ज बर्नार्ड शॉ
- झूठ का कभी पीछा मत करो । उसे अकेला छोड़ दो। वह अपनी मौत खुद मर जायेगा ।
- ‘अहिंसा’ भय का नाम भी नहीं जानती। - महात्मा गांधी
- घमंड करना जाहिलों का काम है। - शेख सादी
- बुद्धिमान किसी का उपहास नहीं करते हैं।
- नम्रता सारे गुणों का दृढ़ स्तम्भ है।
- दूसरों का जो आचरण तुम्हें पसंद नहीं , वैसा आचरण दूसरों के प्रति न करो।
- गहरी नदी का जल प्रवाह शांत व गंभीर होता है | – शेक्सपीयर
- संयम और श्रम मानव के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं । श्रम से भूख तेज होती है और संयम अतिभोग को रोकता है । — रूसो
- महान कार्य महान त्याग से ही सम्पन्न होते हैं । — स्वामी विवेकानन्द
- समाज के हित में अपना हित है । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- सदाचार , शिष्टाचार से अधिक महत्वपूर्ण है ।
- दुनिया में सिर्फ दो सम्पूर्ण व्यक्ति हैं – एक मर चुका है, दूसरा अभी पैदा नहीं हुआ है।
- हम जानते हैं कि हम क्या हैं, पर ये नहीं जानते कि हम क्या बन सकते हैं।
- मेहनत करने से दरिद्रता नहीं रहती, धर्म करने से पाप नहीं रहता, मौन रहने से कलह नहीं होता और जागते रहने से भय नहीं होता | –चाणक्य
- आपत्तियां मनुष्यता की कसौटी हैं । इन पर खरा उतरे बिना कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता । –पं रामप्रताप त्रिपाठी
- कष्ट और विपत्ति मनुष्य को शिक्षा देने वाले श्रेष्ठ गुण हैं। जो साहस के साथ उनका सामना करते हैं, वे विजयी होते हैं । –लोकमान्य तिलक
- प्रकृति, समय और धैर्य ये तीन हर दर्द की दवा हैं ।
- कांटों को मुरझाने का डर नहीं सताता।
- आंख के अंधे को दुनिया नहीं दिखती, काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता, मद के अंधे को अपने से श्रेष्ठ नहीं दिखता और स्वार्थी को कहीं भी दोष नहीं दिखता । –चाणक्य
- जो दीपक को अपने पीछे रखते हैं वे अपने मार्ग में अपनी ही छाया डालते हैं ।
- महान ध्येय ( लक्ष्य ) महान मस्तिष्क की जननी है ।
- इच्छा ही सब दुःखों का मूल है | -– बुद्ध
- किसी बालक की क्षमताओं को नष्ट करना हो तो उसे रटने में लगा दो । — बिनोवा भावे
- हिन्दुस्तान का आदमी बैल तो पाना चाहता है लेकिन गाय की सेवा करना नहीं चाहता। वह उसे धार्मिक दृष्टि से पूजन का स्वांग रचता है लेकिन दूध के लिये तो भैंस की ही कद्र करता है। हिन्दुस्तान के लोग चाहते हैं कि उनकी माता तो रहे भैंस और पिता हो बैल। योजना तो ठीक है लेकिन वह भगवान को मंजूर नहीं है। - विनोबा
- बकरियों की लड़ाई, मुनि के श्राद्ध, प्रातःकाल की घनघटा तथा पति-पत्नी के बीच कलह में प्रदर्शन अधिक और वास्तविकता कम होती है। - नीतिशास्त्र
- जो व्यक्ति सोने का बहाना कर रहा है उसे आप उठा नहीं सकते |
- पुस्तक प्रेमी सबसे धनवान व सुखी होता है।
- आपका आज का पुरुषार्थ आपका कल का भाग्य है |
- प्रत्येक मनुष्य में तीन चरित्र होता है। एक जो वह दिखाता है, दूसरा जो उसके पास होता है, तीसरी जो वह सोचता है कि उसके पास है |
- जिस राष्ट्र में चरित्रशीलता नहीं है उसमें कोई योजना काम नहीं कर सकती । — विनोबा
- सत्यमेव जयते । ( सत्य ही विजयी होता है )
- श्रेष्ठ आचरण का जनक परिपूर्ण उदासीनता ही हो सकती है |
- स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क रहता है ।
- बीस वर्ष की आयु में व्यक्ति का जो चेहरा रहता है, वह प्रकृति की देन है, तीस वर्ष की आयु का चेहरा जिंदगी के उतार-चढ़ाव की देन है लेकिन पचास वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है। - अष्टावक्र
- बिना सहकार , नहीं उद्धार ।
- मेरा जीवन ही मेरा संदेश है। — महात्मा गाँधी
- बुराई के अवसर दिन में सौ बार आते हैं तो भलाई के साल में एकाध बार।
- खेल के अंत में राजा और पिद्दा एक ही बक्से में रखे जाते हैं |
- जो दूसरों से घृणा करता है वह स्वयं पतित होता है – विवेकानन्द
- प्यार के अभाव में ही लोग भटकते हैं और भटके हुए लोग प्यार से ही सीधे रास्ते पर लाए जा सकते हैं। ईसा मसीह
- अच्छी योजना बनाना बुद्धिमानी का काम है पर उसको ठीक से पूरा करना धैर्य और परिश्रम का ।
- विश्वास वह पक्षी है जो प्रभात के पूर्व अंधकार में ही प्रकाश का अनुभव करता है और गाने लगता है । –रवींद्रनाथ ठाकुर
- दरिद्र व्यक्ति कुछ वस्तुएं चाहता है, विलासी बहुत सी और लालची सभी वस्तुएं चाहता है।
- चंद्रमा अपना प्रकाश संपूर्ण आकाश में फैलाता है परंतु अपना कलंक अपने ही पास रखता है।
- लगन और योग्यता एक साथ मिलें तो निश्चय ही एक अद्वितीय रचना का जन्म होता है ।
- प्रत्येक बालक यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी मनुष्यों से निराश नहीं हुआ है। - रवीन्द्रनाथ ठाकुर
- अध्यापक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं। वे संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और अपने श्रम से उन्हें सींच-सींच कर महाप्राण शक्तियां बनाते हैं।
- तूफान जितना ही बडा होगा , उतना ही जल्दी खत्म भी हो जायेगा ।
- लडखडाने के फलस्वरूप आप गिरने से बच जाते हैं ।
- जिस काम की तुम कल्पना करते हो उसमें जुट जाओ। साहस में प्रतिभा, शक्ति और जादू है। साहस से काम शुरु करो पूरा अवश्य होगा।
- मनुष्य मन की शक्तियों के बादशाह हैं। संसार की समस्त शक्तियाँ उनके सामने नतमस्तक हैं।
- सबसे उत्तम विजय प्रेम की है। जो सदैव के लिए विजेताओं का हृदय बाँध लेती है सम्राट अशोक
- नेकी से विमुख हो बदी करना निस्संदेह बुरा है। मगर सामने मुस्काना और पीछे चुगली करना और भी बुरा है।
- अधर्म की सेना का सेनापति झूठ है। जहाँ झूठ पहुँच जाता है वहाँ अधर्म-राज्य की विजय-दुंदुभी अवश्य बजती है।
- जैसे जीने के लिए मृत्यु का अस्वीकरण ज़रूरी है वैसे ही सृजनशील बने रहने के लिए प्रतिष्ठा का अस्वीकरण ज़रूरी है।
- कर्म, ज्ञान और भक्ति- ये तीनों जहाँ मिलते हैं वहीं सर्वश्रेष्ठ पुरुषार्थ जन्म लेता है।
- उत्तम पुरुषों की संपत्ति का मुख्य प्रयोजन यही है कि औरों की विपत्ति का नाश हो। रहीम
- विद्वत्ता युवकों को संयमी बनाती है। यह बुढ़ापे का सहारा है, निर्धनता में धन है, और धनवानों के लिए आभूषण है।
- मनस्वी पुरुष पर्वत के समान ऊँचे और समुद्र के समान गंभीर होते हैं। उनका पार पाना कठिन है।
- विश्व के निर्माण में जिसने सबसे अधिक संघर्ष किया है और सबसे अधिक कष्ट उठाए हैं वह माँ है।
- जब पैसा बोलता है तब सत्य मौन रहता है। कहावत
- उदय होते समय सूर्य लाल होता है और अस्त होते समय भी। इसी प्रकार संपत्ति और विपत्ति के समय महान पुरुषों में एकरूपता होती है।
- वृक्ष अपने सिर पर गरमी सहता है पर अपनी छाया में दूसरों का ताप दूर करता है।
- चापलूसी का ज़हरीला प्याला आपको तब तक नुकसान नहीं पहुँचा सकता जब तक कि आपके कान उसे अमृत समझ कर पी न जाएँ।
- संपदा को जोड़-जोड़ कर रखने वाले को भला क्या पता कि दान में कितनी मिठास है आचार्य श्रीराम शर्मा
- केवल अंग्रेज़ी सीखने में जितना श्रम करना पड़ता है उतने श्रम में भारत की सभी भाषाएँ सीखी जा सकती हैं। विनोबा
- धैर्यवान मनुष्य आत्मविश्वास की नौका पर सवार होकर आपत्ति की नदियों को सफलतापूर्वक पार कर जाते हैं।
- केवल प्रकाश का अभाव ही अंधकार नहीं, प्रकाश की अति भी मनुष्य की आँखों के लिए अंधकार है।
- कलियुग में रहना है या सतयुग में यह तुम स्वयं चुनो, तुम्हारा युग तुम्हारे पास है।
- श्रद्धा और विश्वास ऐसी जड़ी बूटियाँ हैं कि जो एक बार घोल कर पी लेता है वह चाहने पर मृत्यु को भी पीछे धकेल देता है।
- आप छोटों पर दया नहीं करते तो आपको बड़ों से दया माँगने का कोई अधिकार नहीं ।
- मन्दिर तोडो, मस्जिद तोडो, इसमें क्या मुजायका हैं। दिल मत तोडो यार किसी का, यह घर खास खुदा का है।
Monday, August 11, 2008
हमारा संग्रह
Motivational and Inspirational
If you think you can, you can And if you think you can't, you're right.
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Faith is not belief। Belief is passive. Faith is active.
-----------------------------------------------------------
"Reality leaves a lot to the imagination।" -- John Lennon
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"The largest living land mammal is the absent mind।" --- Capt। Beefheart
-----------------------------------------------------------
"If everything is under control, you are going too slow।" ---- Mario Andretti
-----------------------------------------------------------
Life is different than a teacher, a teacher teaches lesson and then takes an exam, but life takes the exam first and then teaches a lesson।
-----------------------------------------------------------
The most influential sentence which should always be followed in life:-
“THE RACE IS NOT OVER… BECAUSE I HAVEN’T WON YET…”
------------------------------------------------------------
Two golden phrases of relationship:-“Don’t believe the doubted one & Don’t doubt the believed one”
-----------------------------------------------------------
Three things of life that once gone, never come back:
Time, Words & Opportunity
------------------------------------------------------------
Three things of life that must not be lost:
Peace, Hope & Honesty.
------------------------------------------------------------
Three things of life that are most valuable:
Love, Self-confidence & Friends
------------------------------------------------------------
Three things of life that are never sure:
Dreams, Success & Fortune
-------------------------------------------------------------
Treat everyone with politeness.
Even those who r rude to u.
Not because they r not nice but because you are NICE
-------------------------------------------------------------
What you are is what you have been, and what you will be is what you do now (Buddha)
-------------------------------------------------------------
If you don’t risk anything,
then you risk even more. (Erica Jong)
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When you make the biggest mistake ever, something good comes from it.
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There are two rules for success: 1) Never tell everything you know… (Roger H.)
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"Conscience is God"s presence in man."
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Faith is not belief। Belief is passive. Faith is active.
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"Reality leaves a lot to the imagination।" -- John Lennon
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"The largest living land mammal is the absent mind।" --- Capt। Beefheart
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"If everything is under control, you are going too slow।" ---- Mario Andretti
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Life is different than a teacher, a teacher teaches lesson and then takes an exam, but life takes the exam first and then teaches a lesson।
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The most influential sentence which should always be followed in life:-
“THE RACE IS NOT OVER… BECAUSE I HAVEN’T WON YET…”
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Two golden phrases of relationship:-“Don’t believe the doubted one & Don’t doubt the believed one”
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Three things of life that once gone, never come back:
Time, Words & Opportunity
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Three things of life that must not be lost:
Peace, Hope & Honesty.
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Three things of life that are most valuable:
Love, Self-confidence & Friends
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Three things of life that are never sure:
Dreams, Success & Fortune
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Treat everyone with politeness.
Even those who r rude to u.
Not because they r not nice but because you are NICE
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What you are is what you have been, and what you will be is what you do now (Buddha)
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If you don’t risk anything,
then you risk even more. (Erica Jong)
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When you make the biggest mistake ever, something good comes from it.
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There are two rules for success: 1) Never tell everything you know… (Roger H.)
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"Conscience is God"s presence in man."
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