Monday, September 1, 2008

क्या करें ? क्या न करें ?

  1. श्री कृष्ण को प्रणाम करके यदि यात्रा प्रारंभ की जाए तो विजय प्राप्त होती है|
  2. सेवा करके भूल जाओ |
  3. जब भी आप उदास हो तब का उच्चारण करे |
  4. जब परिस्थितिया विपरीत हो तो सब कुछ भगवान पर छोड़ दो |
  5. जब कुछ सन्देह हो , लिख लो
  6. हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिये जिसे हम संसार मे देखना चाहते हैं
  7. आत्मदीपो भवः ( अपना दीपक स्वयं बनो ) — गौतम बुद्ध
  8. आओं हम मौन रहें ताकि फ़रिस्तों की कानाफूसियाँ सुन सकें
  9. छोटा आरम्भ करो , शीघ्र आरम्भ करो
  10. ईश्वर से प्रार्थना करो, पर अपनी पतवार चलाते रहो।
  11. एक समय मे केवल एक काम करना बहुत सारे काम करने का सबसे सरल तरीका है
  12. चींटी से परिश्रम करना सीखें |
  13. रचनात्मक कार्यों से देश समर्थ बनेगा श्रीराम शर्मा , आचार्य
  14. सारी चीजों के बारे मे कुछ-कुछ और कुछेक के बारे मे सब कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिये |
  15. हँसते हुए जो समय आप व्यतीत करते हैं, वह ईश्वर के साथ व्यतीत किया समय है।
  16. यदि बुद्धिमान हो , तो हँसो
  17. जब मैं स्वयं पर हँसता हूँ तो मेरे मन का बोझ हल्का हो जाता है | -– टैगोर
  18. सत्य बोलना चाहिये, प्रिय बोलना चाहिये, सत्य किन्तु अप्रिय नहीं बोलना चाहिये प्रिय किन्तु असत्य नहीं बोलना चाहिये ; यही सनातन धर्म है
  19. वही उन्नति करता है जो स्वयं अपने को उपदेश देता है।
  20. यदि आपको रास्ते का पता नहीं है, तो जरा धीरे चलें |
  21. दो बच्चों से खिलता उपवन हँसते-हँसते कटता जीवन ।।
  22. धरती पर है स्वर्ग कहांछोटा है परिवार जहाँ।
  23. स्वतंत्र वही हो सकता है जो अपना काम अपने आप कर लेता है।विनोबा
  24. चिड़ियों की तरह हवा में उड़ना और मछलियों की तरह पानी में तैरना सीखने के बाद अब हमें इन्सानों की तरह ज़मीन पर चलना सीखना है। - सर्वपल्ली राधाकृष्णन
  25. सोचना, कहना करना सदा समान हो।
  26. यदि किसी असाधारण प्रतिभा वाले आदमी से हमारा सामना हो तो हमें उससे पूछना चाहिये कि वो कौन सी पुस्तकें पढता है
  27. नरम शब्दों से सख्त दिलों को जीता जा सकता है | – सुकरात
  28. यदि आप इस बात की चिंता करें कि आपके काम का श्रेय किसे मिलने वाला है तो आप आश्चर्यजनक कार्य कर सकते हैं
  29. मानसिक बीमारियों से बचने का एक ही उपाय है कि हृदय को घृणा से और मन को भय चिन्ता से मुक्त रखा जाय श्रीराम शर्मा , आचार्य
  30. को रुक् , को रुक् , को रुक् ? हितभुक् , मितभुक् , ऋतभुक् ( कौन स्वस्थ है , कौन स्वस्थ है , कौन स्वस्थ है ? हितकर भोजन करने वाला , कम खाने वाला , इमानदारी का अन्न खाने वाला )
  31. मानसिक शक्ति का सबसे बडा स्रोत है - दूसरों के साथ सकारात्मक तरीके से विचारों का आदान-प्रदान करना
  32. एकता का किला सबसे सुरक्षित होता है। वह टूटता है और उसमें रहने वाला कभी दुखी होता है
  33. हँसमुख चेहरा रोगी के लिये उतना ही लाभकर है जितना कि स्वस्थ ऋतु
  34. अपनी आंखों को सितारों पर टिकाने से पहले अपने पैर जमीन में गड़ा लो |
  35. वहाँ मत देखो जहाँ आप गिरे। वहाँ देखो जहाँ से आप फिसले.
  36. बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होता है कि ध्यानपूर्वक यह सुना जाए कि कहा क्या जा रहा है।
  37. बिना जोश के आज तक कोई भी महान कार्य नहीं हुआ।
    - सुभाष चंद्र बोस
  38. जो मनुष्य एक पाठशाला खोलता है वह एक जेलखाना बंद करता है।
  39. सच्ची बात को स्वीकार करना मनुष्य का धर्म है।
  40. प्रेम करो सब से, नफरत करो किसी से।
  41. आराम हराम है।

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