- श्री कृष्ण को प्रणाम करके यदि यात्रा प्रारंभ की जाए तो विजय प्राप्त होती है|
- सेवा करके भूल जाओ |
- जब भी आप उदास हो तब ॐ का उच्चारण करे |
- जब परिस्थितिया विपरीत हो तो सब कुछ भगवान पर छोड़ दो |
- जब कुछ सन्देह हो , लिख लो ।
- हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिये जिसे हम संसार मे देखना चाहते हैं ।
- आत्मदीपो भवः । ( अपना दीपक स्वयं बनो । ) — गौतम बुद्ध
- आओं हम मौन रहें ताकि फ़रिस्तों की कानाफूसियाँ सुन सकें ।
- छोटा आरम्भ करो , शीघ्र आरम्भ करो ।
- ईश्वर से प्रार्थना करो, पर अपनी पतवार चलाते रहो।
- एक समय मे केवल एक काम करना बहुत सारे काम करने का सबसे सरल तरीका है ।
- चींटी से परिश्रम करना सीखें |
- रचनात्मक कार्यों से देश समर्थ बनेगा । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- सारी चीजों के बारे मे कुछ-कुछ और कुछेक के बारे मे सब कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिये |
- हँसते हुए जो समय आप व्यतीत करते हैं, वह ईश्वर के साथ व्यतीत किया समय है।
- यदि बुद्धिमान हो , तो हँसो ।
- जब मैं स्वयं पर हँसता हूँ तो मेरे मन का बोझ हल्का हो जाता है | -– टैगोर
- सत्य बोलना चाहिये, प्रिय बोलना चाहिये, सत्य किन्तु अप्रिय नहीं बोलना चाहिये । प्रिय किन्तु असत्य नहीं बोलना चाहिये ; यही सनातन धर्म है ॥
- वही उन्नति करता है जो स्वयं अपने को उपदेश देता है।
- यदि आपको रास्ते का पता नहीं है, तो जरा धीरे चलें |
- दो बच्चों से खिलता उपवन । हँसते-हँसते कटता जीवन ।।
- धरती पर है स्वर्ग कहां – छोटा है परिवार जहाँ।
- स्वतंत्र वही हो सकता है जो अपना काम अपने आप कर लेता है। –विनोबा
- चिड़ियों की तरह हवा में उड़ना और मछलियों की तरह पानी में तैरना सीखने के बाद अब हमें इन्सानों की तरह ज़मीन पर चलना सीखना है। - सर्वपल्ली राधाकृष्णन
- सोचना, कहना व करना सदा समान हो।
- यदि किसी असाधारण प्रतिभा वाले आदमी से हमारा सामना हो तो हमें उससे पूछना चाहिये कि वो कौन सी पुस्तकें पढता है ।
- नरम शब्दों से सख्त दिलों को जीता जा सकता है | – सुकरात
- यदि आप इस बात की चिंता न करें कि आपके काम का श्रेय किसे मिलने वाला है तो आप आश्चर्यजनक कार्य कर सकते हैं ।
- मानसिक बीमारियों से बचने का एक ही उपाय है कि हृदय को घृणा से और मन को भय व चिन्ता से मुक्त रखा जाय । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
- को रुक् , को रुक् , को रुक् ? हितभुक् , मितभुक् , ऋतभुक् । ( कौन स्वस्थ है , कौन स्वस्थ है , कौन स्वस्थ है ? हितकर भोजन करने वाला , कम खाने वाला , इमानदारी का अन्न खाने वाला )
- मानसिक शक्ति का सबसे बडा स्रोत है - दूसरों के साथ सकारात्मक तरीके से विचारों का आदान-प्रदान करना ।
- एकता का किला सबसे सुरक्षित होता है। न वह टूटता है और न उसमें रहने वाला कभी दुखी होता है । –
- हँसमुख चेहरा रोगी के लिये उतना ही लाभकर है जितना कि स्वस्थ ऋतु ।
- अपनी आंखों को सितारों पर टिकाने से पहले अपने पैर जमीन में गड़ा लो |
- वहाँ मत देखो जहाँ आप गिरे। वहाँ देखो जहाँ से आप फिसले.
- बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होता है कि ध्यानपूर्वक यह सुना जाए कि कहा क्या जा रहा है।
- बिना जोश के आज तक कोई भी महान कार्य नहीं हुआ।
- सुभाष चंद्र बोस - जो मनुष्य एक पाठशाला खोलता है वह एक जेलखाना बंद करता है।
- सच्ची बात को स्वीकार करना मनुष्य का धर्म है।
- प्रेम करो सब से, नफरत न करो किसी से।
- आराम हराम है।
Monday, September 1, 2008
क्या करें ? क्या न करें ?
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